प्रकृति

मेघों की टोकरी में आया था उपहार उसका, धनक की करधनी और बारिश की बूंदों के झुमके,  लरजते  झरनों के साथ अटखेली करती, संदेसा भेजा […]

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Bachpan

आम के बौर की ख़ुश्बू का क़तरा, बसंत, थाली में कुछ यूँ सजा कर लाता है, कि बचपन कानों में गुनगुना जाता है। भोर की […]

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